॥ पराशर गोत्रीय ॥

गंगेश्वर
जीवन दर्शन

मूल वंशावली — गंगेश्वर वंशीय चतुरशीति: (चौरासी)

✍️  लेखक: डॉ० राम प्रकाश उपाध्याय

वंशवृक्ष संकलनकर्ता: स्व० ओम प्रकाश उपाध्याय (गहमर) & डॉ० राम प्रकाश उपाध्याय (अमौरा)

गंगेश्वर जीवन दर्शन — Book Cover

पुस्तक के बारे में

"गंगेश्वर जीवन दर्शन" एक अद्वितीय ऐतिहासिक ग्रंथ है जो पराशर गोत्रीय गंगेश्वर वंश का सम्पूर्ण वंश वृक्ष प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक सनातन धर्म, कुल परम्पराओं एवं वंशावली सहित अमूल्य धरोहर है।

राजपुरोहित पं० गंगेश्वर उपाध्याय जी के जीवन-दर्शन एवं उनके वंशजों की गाथा को 402 पृष्ठों में अत्यंत विस्तृत एवं प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। इसमें 50+ दुर्लभ पारिवारिक चित्र भी सम्मिलित हैं।

यह ग्रंथ उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखण्ड छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा तथा देश-विदेश में फैले उपरोक्त गौरवशाली वंश के प्रत्येक परिवार के लिए एक अमूल्य धरोहर है।

402 पृष्ठ
84 पीढ़ियाँ
50+ चित्र
₹301 मूल्य
गंगेश्वर जीवन दर्शन
ISBN: 9788197972317 | प्रथम संस्करण 2081

मुख्य विशेषताएं

राजपुरोहित

84 का वंशवृक्ष

पराशर गोत्रीय, गंगेश्वर वंश का लगभग संपूर्ण और प्रमाणिक वंशवृक्ष।

माता जी

सनातन धर्म का ज्ञान

राजपुरोहित परम्परा, वैदिक संस्कार एवं सनातन धर्म की विस्तृत जानकारी।

पारिवारिक चित्र

50+ पारिवारिक चित्र

वंश के प्रमुख व्यक्तित्वों एवं परिवारों के दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र।

पुस्तक कवर

402 पृष्ठों का विस्तृत ग्रंथ

नवीन प्रकाशन, कोलकाता द्वारा प्रकाशित, ISBN युक्त प्रामाणिक ग्रंथ।

प्रमुख व्यक्तित्व

शुभकामना संदेश

"यह ग्रंथ पराशर गोत्रीय गंगेश्वर वंश की गौरवशाली परम्परा एवं सनातन संस्कृति की एक अमूल्य निधि है। डॉ० राम प्रकाश उपाध्याय जी का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय एवं वंदनीय है। भावी पीढ़ियाँ इससे प्रेरणा लेती रहेंगी।"

ब्रजेश पाठक
ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

"गंगेश्वर जीवन दर्शन केवल एक पुस्तक नहीं, यह हमारी जड़ों से जुड़ने का माध्यम है। वंशावली का यह विस्तृत संकलन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा। लेखक को हार्दिक शुभकामनाएं।"

✍️
डा० दयाशंकर मिश्र "दयालु"
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
आयुष विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (MOS)
उत्तर प्रदेश

॥ पुस्तक प्राप्त करें ॥

ISBN: 9788197972317 | मूल्य: ₹301 | पृष्ठ: 402
प्रकाशक: नवीन प्रकाशन, कोलकाता